काल्पनिक फ़िल्म चांदनी के पार एक नाविक की बेटी की कहानी है, जो कॉलेज के लिए अपना क़स्बा छोड़ना चाहती है।
पहला हिस्सा धीमा है, लेकिन मुख्य कलाकार फ़िल्म को थामे रखते हैं और नदी को बड़े प्यार से फ़िल्माया गया है। गाने कम और सही जगह हैं।
फ़ैसला: धैर्य रखने वाले दर्शकों के लिए एक सच्ची, सरल कहानी। रेटिंग: 5 में 3.5।








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